GST 2.0 का नया नियम: क्या-क्या होगा सस्ता?

GST 2.0 showing a price drop in electronics and home appliances

GST 2.0 से आपकी जेब पर होगा सीधा असर! टीवी, एसी समेत ये 21 चीजें हो जाएंगी सस्ती।

भारत में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की शुरुआत ने पूरे देश में कर प्रणाली को बदल दिया। 1 जुलाई 2017 को लागू हुई यह व्यवस्था ‘एक देश, एक कर’ की अवधारणा पर आधारित थी। इसने अलग-अलग राज्यों में लगने वाले कई तरह के करों को खत्म कर एक समान कर प्रणाली स्थापित की। जीएसटी की शुरुआत के बाद से, इसमें कई सुधार किए गए हैं, और अब GST 2.0 के तहत एक और बड़ा बदलाव होने की संभावना है। यह बदलाव आम आदमी की खरीदारी को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि इसमें 28% के सबसे ऊंचे स्लैब को खत्म करने का प्रस्ताव है।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

जब GST लागू हुआ, तो इसके तहत 5%, 12%, 18% और 28% के चार मुख्य स्लैब बनाए गए। 28% का स्लैब मुख्य रूप से लग्जरी और ‘पाप’ (sin) वस्तुओं, जैसे सिगरेट, शराब और कुछ महंगी कारों के लिए था। हालांकि, समय के साथ यह देखा गया कि इस स्लैब में कई ऐसी वस्तुएं भी शामिल थीं जिन्हें अब लग्जरी नहीं माना जाता, बल्कि वे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं। उदाहरण के लिए, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर।

इन वस्तुओं पर 28% का टैक्स लगने से ये आम आदमी की पहुँच से कुछ हद तक दूर हो जाती हैं। इसके अलावा, कर की ऊंची दर के कारण इन वस्तुओं की मांग भी कम रहती है, जिससे बाजार की वृद्धि पर असर पड़ता है। इन समस्याओं को दूर करने और कर प्रणाली को अधिक न्यायसंगत बनाने के लिए ही GST काउंसिल इस बड़े बदलाव पर विचार कर रही है।

GST 2.0: 28% का स्लैब खत्म होने से क्या होगा?

GST काउंसिल की अगली बैठक में यह प्रस्ताव रखा जा रहा है कि 28% के स्लैब को खत्म कर दिया जाए। इसकी जगह, इस स्लैब में शामिल वस्तुओं को 18% या 12% के स्लैब में लाया जा सकता है। इससे इन वस्तुओं की कीमतें कम होंगी, और उपभोक्ता को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।

जो वस्तुएं वास्तव में लग्जरी हैं, उन पर जीएसटी के साथ एक उपकर (cess) लगाया जा सकता है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान न हो। इस नए नियम से न केवल उपभोक्ता को फायदा होगा, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी एक नई गति मिलेगी।

कौन सी 21 चीजें होंगी सस्ती?

अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो 28% के स्लैब में आने वाली कई वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। यहाँ उन 21 संभावित वस्तुओं की सूची दी गई है:

  1. टेलीविजन (32 इंच तक): छोटे टीवी पर 28% जीएसटी है, जो 18% होने पर इनकी कीमतें घटेंगी।
  2. एयर कंडीशनर (AC): आज के समय में एसी एक लग्जरी नहीं, बल्कि जरूरत है। 28% से 18% होने पर यह अधिक किफायती हो जाएगा।
  3. वॉशिंग मशीन: यह भी एक बुनियादी घरेलू उपकरण है जो 18% के स्लैब में आने पर सस्ता होगा।
  4. रेफ्रिजरेटर: फ्रिज की कीमतों में भी कमी आएगी, जिससे यह आम आदमी के लिए और भी सुलभ होगा।
  5. सीमेंट: घर बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सामग्री, सीमेंट पर 28% जीएसटी लगता है। 18% होने पर घर बनाना काफी सस्ता हो जाएगा।
  6. डिशवॉशर: आधुनिक किचन का यह उपकरण भी सस्ता होगा।
  7. वीडियो गेम कंसोल: गेमिंग के शौकीनों के लिए अच्छी खबर, कंसोल सस्ते हो सकते हैं।
  8. डिजिटल कैमरा: पेशेवर और शौकिया फोटोग्राफरों के लिए अच्छी खबर, कैमरा सस्ता होगा।
  9. मोटरसाइकिल हेलमेट: हेलमेट पर 28% जीएसटी लगता है, जो 18% होने पर सुरक्षा उपकरण खरीदना आसान होगा।
  10. पेंट और वॉलपेपर: घर की साज-सज्जा का सामान भी सस्ता होगा।
  11. मोटर वाहन पार्ट्स: वाहनों के रखरखाव का खर्च कम होगा।
  12. कुछ प्रकार के टायर: टायर पर लगने वाला टैक्स भी कम हो सकता है।
  13. वॉटर हीटर और गीजर: ये घरेलू उपकरण भी सस्ते होंगे।
  14. वैक्यूम क्लीनर: घर की सफाई के लिए जरूरी यह गैजेट भी 18% पर आ सकता है।
  15. परफ्यूम और कुछ कॉस्मेटिक्स: कुछ खास तरह के परफ्यूम और कॉस्मेटिक उत्पाद भी सस्ते हो सकते हैं।
  16. चॉकलेट और च्युइंग गम: इन पर भी टैक्स की दर कम होने की संभावना है।
  17. माइक्रोवेव ओवन: यह किचन का एक और महत्वपूर्ण उपकरण है जो सस्ता होगा।
  18. सॉफ्ट ड्रिंक्स और एयरेटेड ड्रिंक्स: ये ड्रिंक्स 28% के स्लैब में हैं और ये भी सस्ते हो सकते हैं।
  19. कुछ फर्नीचर: कुछ खास तरह के फर्नीचर और मैट्रेस भी सस्ते हो सकते हैं।
  20. लिफ्ट और एस्केलेटर: निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाले ये उपकरण भी सस्ते होंगे।
  21. सिगरेट और पान मसाला: हालांकि इन पर उपकर (cess) लगाया जा सकता है, लेकिन जीएसटी दर में बदलाव संभव है।

ह सूची संभावित है और अंतिम निर्णय GST काउंसिल की बैठक के बाद ही होगा।

GST 2.0 का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

यह बदलाव सिर्फ कीमतों को कम करने तक ही सीमित नहीं है। इसके दूरगामी परिणाम होंगे:

  • बढ़ेगी मांग: कीमतें कम होने से उपभोक्ता इन वस्तुओं को अधिक खरीदेंगे, जिससे मांग बढ़ेगी और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
  • रोजगार के अवसर: उत्पादन बढ़ने से नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • महंगाई पर लगाम: आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी आने से महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
  • व्यवसाय में सरलता: एक जटिल कर स्लैब को खत्म करने से कर प्रणाली और भी सरल हो जाएगी, जिससे छोटे और बड़े व्यवसायों को फायदा होगा।

GST 2.0 का यह कदम भारत की अर्थव्यवस्था को और भी मजबूत बना सकता है। यह एक प्रगतिशील बदलाव है जो सरकार की दूरदर्शिता और उपभोक्ता कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह निश्चित रूप से ‘आपकी जेब पर होगा सीधा असर’

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